10 साल में 7 लाख के बदले अधिक वसूले, फिर भी सूदखोर बता रहा कर्जदार
सूदखोरी से परेशान परिवार ने आईजी से लगाई न्याय की गुहार झांसी, 12 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद झांसी में सूदखोरी से परेशान एक परिवार ने मंगलवार को पुलिस उपमहानिरीक्षक (आईजी) झांसी परिक्षेत्र आकाश कुलहरि से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित पर
आईजी को ज्ञापन देने पहुंचे पीड़ित


सूदखोरी से परेशान परिवार ने आईजी से लगाई न्याय की गुहार

झांसी, 12 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद झांसी में सूदखोरी से परेशान एक परिवार ने मंगलवार को पुलिस उपमहानिरीक्षक (आईजी) झांसी परिक्षेत्र आकाश कुलहरि से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि वर्षों पहले लिया गया सात लाख रुपये का कर्ज कई गुना चुकाने के बावजूद सूदखोर अब भी मूल धन की मांग कर रहा है और पुलिस को गुमराह कर उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया है।

सीपरी बाजार के प्रेमगंज निवासी पवन चौबे अपनी मां आशा देवी के साथ आईजी कार्यालय पहुंचे और शिकायती पत्र सौंपा। पवन ने बताया कि उनके घर के पास रहने वाले एक व्यक्ति से उसकी पुरानी मित्रता थी और पिछले करीब दस वर्षों से दोनों के बीच लेनदेन चलता रहा। आर्थिक जरूरत पड़ने पर उसने अलग-अलग समय में उससे कुल सात लाख रुपये उधार लिए थे। इसके बदले वह हर महीने 11 हजार से लेकर 20 हजार रुपये तक देता रहा। पीड़ित का आरोप है कि कई बार दबाव बनाए जाने पर उसने अपनी मां और बहन के जेवर गिरवी रखकर दो से तीन लाख रुपये तक अलग-अलग किश्तों में भी लौटाए। इसके बावजूद सूदखोर द्वारा फर्जी हस्ताक्षर और कूट रचित दस्तावेज तैयार कर पुलिस प्रशासन को भ्रमित किया गया तथा उसके और उसके भाई के खिलाफ थाना सीपरी बाजार में एफआईआर दर्ज करा दी गई।

पवन चौबे ने आरोप लगाया कि मामले की विवेचना निष्पक्ष ढंग से नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि बैंक खाते से पांच लाख रुपये नकद निकालने के दौरान के सीसीटीवी फुटेज पुलिस नहीं निकलवा रही है और न ही मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का विश्लेषण कराया जा रहा है। पीड़ित परिवार ने आईजी से निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने और सूदखोरी से छुटकारा दिलाने की मांग की है। इस पर आईजी ने उन्हें आश्वस्त भी किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया