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जयपुर, 12 मई (हि.स.)। सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के सर्जरी विभाग ने एक जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए 42 वर्षीय महिला की बच्चेदानी से 24x19x17 सेंटीमीटर आकार की विशाल गांठ निकालकर बड़ी चिकित्सीय उपलब्धि हासिल की है। चिकित्सकों के अनुसार एसएमएस अस्पताल में अब तक निकाली गई यह बच्चेदानी की सबसे बड़ी गांठों में से एक मानी जा रही है।
सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. ऋचा जैन ने बताया कि डीग जिले के कुम्हेर निवासी मनोज पिछले करीब 15 वर्षों से पेट में गांठ की समस्या से पीड़ित थीं। समय के साथ गांठ का आकार लगातार बढ़ता गया, जिससे उन्हें पेट दर्द, भारीपन और चलने-फिरने में गंभीर परेशानी होने लगी थी।
सर्जन डॉ. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में इतनी बड़ी गांठ निकालने के लिए पेट पर बड़ा चीरा लगाना पड़ता है, लेकिन एसएमएस अस्पताल की टीम ने आधुनिक तकनीक और बेहतर सर्जिकल प्रबंधन के जरिए डिलीवरी के दौरान लगाए जाने वाले छोटे चीरे से ही सफल ऑपरेशन किया। उन्होंने बताया कि छोटे चीरे से ऑपरेशन करने के कारण मरीज को अपेक्षाकृत कम रक्तस्राव हुआ और उसकी रिकवरी भी तेजी से हो रही है। चिकित्सकों के अनुसार यह सर्जरी तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि गांठ का आकार अत्यधिक बड़ा होने के साथ शरीर के अंदर उसकी स्थिति भी जटिल थी।
यह ऑपरेशन डॉ. राजेंद्र मांडिया और डॉ. आर.जी. खंडेलवाल के निर्देशन में किया गया। सर्जरी टीम में डॉ. नरेंद्र शर्मा, डॉ. महेंद्र चौधरी और डॉ. सोनाली शामिल रहे, जिन्होंने समन्वित तरीके से ऑपरेशन को सफल बनाया। ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया विभाग की टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसमें डॉ. सुशील भाटी, डॉ. कंचन चौहान, डॉ. सुनील चौहान, डॉ. मनोज सोनी, डॉ. नम्रता कौशिक और डॉ. विधि शामिल रहीं। वहीं नर्सिंग स्टाफ से हिम्मत सिंह का विशेष योगदान रहा।
चिकित्सकों ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही है। जल्द ही उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश