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कोलकाता, 12 मई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री अशोक कीर्तानिया ने मंगलवार को आदेश दिया कि राज्य में राशन वितरण सूची से गेहूं का आटा हटाया जाएगा। उनका दावा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सबसे अधिक घोटाले और भ्रष्टाचार आटे को लेकर ही होते हैं।
अशोक कीर्तानिया ने कहा कि नई सरकार को अभी काम शुरू किए एक सप्ताह का समय दिया जाना चाहिए, ताकि सरकार की कार्ययोजना स्पष्ट हो सके। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी का मानना है कि पश्चिम बंगाल में सबसे बड़े घोटाले खाद्य और शिक्षा विभाग में हुए हैं।
उन्होंने कहा कि अब बहुत हो चुका। आगे किसी भी तरह का घोटाला नहीं होने दिया जाएगा। मंत्री ने चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह अधिकारी हो या मिल मालिक।
अशोक कीर्तानिया ने कहा कि वर्तमान समय में खाद्य विभाग का सबसे बड़ा घोटाला आटे को लेकर हो रहा है। इसी कारण उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राशन सूची से गेहूं का आटा हटाने का निर्देश दिया है।
मंत्री ने यह भी बताया कि अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी है कि सरकार के पास पहले से बड़ी मात्रा में आटे का भंडार मौजूद है और इसे हटाने से आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए फिलहाल जितना आटा पहले से तैयार हो चुका है, उसका वितरण किया जाएगा। इसके बाद पश्चिम बंगाल के राशन में गेहूं का आटा शामिल नहीं रहेगा।
इसी बीच राज्य के एक अन्य नवनियुक्त मंत्री दिलीप घोष ने मंगलवार को आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के अधिकांश नेता भ्रष्टाचार में शामिल हैं। उनका यह बयान प्रवर्तन निदेशालय द्वारा नगर निकाय भर्ती घोटाले में पूर्व मंत्री सुजीत बोस की गिरफ्तारी के एक दिन बाद सामने आया।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के पहले भारतीय जनता पार्टी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उनके साथ पांच विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर