Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

सूरजपुर, 12 मई (हि.स.)। विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत मंगलवार को जिले के विभिन्न विकासखंडों में किसानों के लिए जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिले के 12 स्थानों पर हुए इन कार्यक्रमों में कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक खेती, खरीफ फसल की तैयारी, प्राकृतिक कृषि और मृदा प्रबंधन की जानकारी दी।
अभियान के तहत विकासखंड भैयाथान के गंगोटी और बतरा, ओड़गी के मोहरसोप और भाडी, सूरजपुर के अजबनगर और सोनवाही, रामानुजनगर के परशुरामपुर और पम्पानगर, प्रतापपुर के टुकुडांड और केंवरा तथा प्रेमनगर के विंध्याचल और कोतल में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र सरगुजा और कृषि महाविद्यालय प्रतापपुर के वैज्ञानिकों ने किसानों को नई कृषि तकनीकों, उन्नत बीज, मृदा परीक्षण, कीट एवं रोग नियंत्रण, संतुलित उर्वरक उपयोग और कृषि उपकरणों की जानकारी दी। किसानों को खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित किया गया।
विशेषज्ञों ने दलहन और तिलहनी फसलों में उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने, फसल विविधीकरण अपनाने और प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
कृषि विज्ञान केंद्र सरगुजा के कार्यक्रम सहायक (कीट विज्ञान) वीरेंद्र कुमार ने किसानों को कीट एवं रोग प्रबंधन, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, पीएसबी कन्सोर्टिया, नील हरित शैवाल, अजोला और प्राकृतिक खेती की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।
कृषि विभाग ने एग्रीस्टेक, पीएम किसान योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और जैव उर्वरकों के उपयोग के संबंध में किसानों को जागरूक किया। साथ ही स्वायल हेल्थ कार्ड के अनुसार उर्वरकों के संतुलित उपयोग की सलाह दी गई।
इसके अलावा पशु चिकित्सा विभाग ने पशुओं के नियमित टीकाकरण की जानकारी दी, जबकि उद्यानिकी और मत्स्य पालन विभाग ने किसानों को विभागीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय