योग परम स्वास्थ्य
हृदयनारायण दीक्षित अनुशासनविहीन जीवन में स्वस्ति और लोकमंगल नहीं होते। प्रकृति स्वयं अनुशासन में गतिशील है। मनुष्य के लिए इसी अनुशासन का पालन उपयोगी दिनचर्या है। इसका सम्बंध स्वस्थ मन से है। स्वस्थ बुद्धि से है और निर्मल आत्मा से भी है। उत्तर प्रद

Invalid email address

विस्तृत खबर के लिए हिन्दुस्थान समाचार की सेवाएं लें।

संपर्क करें

हिन्दुस्थान समाचार बहुभाषी न्यूज एजेंसी एम-6, भगत सिंह मार्केट, गोल मार्केट, नई दिल्ली- 110001

(+91) 7701802829 / 7701800342

marketing@hs.news