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गोहत्या रोकने में विफल रही उत्तर प्रदेश सरकार: अविमुक्तेश्वरानंद
बरेली, 5 अप्रैल (हि.स.)। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के एक और बयान से सियासी और धार्मिक माहौल को गरम हाे गया है। उन्हाेंने उत्तर प्रदेश सरकार पर गोहत्या रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया और कहा कि प्रदेश में गोहत्या के मामले कम होने के बजाय बढ़ रहे हैं। उन्हाेंने 1 मई से राज्य की हर विधानसभा क्षेत्र का दाैरा करने का एलान किया है
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती रविवार काे उत्तर प्रदेश के बरेली में पत्रकाराें से वार्ता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब वर्तमान सरकार सत्ता में आई थी, तब लोगों को उम्मीद थी कि गोहत्या पर सख्ती से रोक लगेगी, लेकिन हालात इसके विपरीत दिखाई दे रहे हैं। शंकराचार्य ने दावा किया कि प्रदेश में बूचड़खाने सरकारी अनुमति और हस्ताक्षर के आधार पर संचालित हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विदेशी बाजारों में गोमांस की खुलेआम बिक्री हो रही है, जो उत्तर प्रदेश जैसे राज्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
शंकराचार्य ने सवाल उठाया कि यदि सरकार ने गोवंश संरक्षण और गोहत्या रोकने का वादा किया था, तो फिर जमीन पर उसका असर क्यों नहीं दिख रहा। उन्होंने कहा कि केवल घोषणाओं और दावों से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है। पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि संत समाज का उद्देश्य राजनीति करना नहीं है। संतों का काम समाज को दिशा देना और लोककल्याण के लिए आवाज उठाना है। उन्होंने कहा कि धर्म और राजनीति दोनों की जिम्मेदारियां अलग-अलग होती हैं और कोई संन्यासी दोनों भूमिकाएं एक साथ नहीं निभा सकता।
आगामी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि जनता को ऐसी सरकार चुननी चाहिए, जो गोहत्या पर पूरी तरह रोक लगाने की इच्छाशक्ति रखती हो। उन्होंने सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगों से इस मुद्दे पर सजग रहने की अपील की।
उन्होंने ऐलान किया कि 1 मई से वह प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों का दौरा शुरू करेंगे। इस दौरान लोगों को जागरूक किया जाएगा और बताया जाएगा कि प्रदेश और धर्महित में कैसी सरकार जरूरी है। उनके मुताबिक यह अभियान राजनीतिक नहीं, बल्कि जनजागरण के उद्देश्य से चलाया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / देश दीपक गंगवार