राष्ट्रीय समुद्री दिवस पर ओडिशा के मुख्यमंत्री ने समुद्री विरासत और भविष्य की रूपरेखा रखी
भुवनेश्वर, 05 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय समुद्री दिवस के अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य की समृद्ध समुद्री विरासत को नमन करते हुए तटीय और औद्योगिक विकास के लिए अपनी दूरदर्शी योजना प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपन
मुख्यमंत्री  मोहन माझी


भुवनेश्वर, 05 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय समुद्री दिवस के अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य की समृद्ध समुद्री विरासत को नमन करते हुए तटीय और औद्योगिक विकास के लिए अपनी दूरदर्शी योजना प्रस्तुत की।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा, “राष्ट्रीय समुद्री दिवस पर मैं हमारे वीर नाविकों को सलाम करता हूँ और ओडिशा की अद्वितीय समुद्री परंपरा का सम्मान करता हूँ। साधबा पुर के ऐतिहासिक समुद्री यात्राओं से लेकर बोइत बंदाण जैसी पवित्र परंपराओं तक, हमारा इतिहास कलिंग के उन साहसी व्यापारी-समुद्री यात्रियों की गाथा है, जिन्होंने कभी हमारे तटों को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ा था।”

उन्होंने आगे कहा, “आज हम इस प्राचीन विरासत को एक आधुनिक औद्योगिक शक्ति में बदल रहे हैं। विश्वस्तरीय शिपबिल्डिंग क्लस्टर विकसित करने और पारादीप बंदरगाह से लेकर बहुदा तक अपने बंदरगाह तंत्र का विस्तार कर, ओडिशा भारत के समुद्री भविष्य का नेतृत्व कर रहा है। हम एक सतत ‘ब्लू इकोनॉमी’ के प्रति प्रतिबद्ध हैं, जो हमारे अतीत का सम्मान करते हुए राज्य को वैश्विक व्यापार का प्रमुख द्वार बनाती है।”

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो