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सहरसा, 30 अप्रैल (हि.स.)। बीएनएमयू, मधेपुरा के कुलपति प्रो. बी. एस. झा के खिलाफ विभिन्न राजनेताओं को की जा रही शिकायतों का सीलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को विभिन्न संगठनों से जुड़े युवाओं के प्रतिनिधिमंडल ने सहरसा में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात कर उन्हें कुलपति के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान कुलपति प्रो. बी. एस. झा द्वारा लगातार नियमों को ताक पर रखकर शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। अतः कुलपति को अविलंब पदमुक्त किया जाए, इनके द्वारा छात्रों एवं शिक्षकों पर किए गए अन्यायपूर्ण कार्रवाई को रद्द किया जाए और इनके कार्यकाल में हुए सभी वित्तीय लेनदेन (भ्रष्टाचार) की उच्चस्तरीय जाँच हो।
प्रतिनिधि मंडल में शामिल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ धर्म जागरण विभाग के जिला संयोजक सागर कुमार नन्हें ने बताया गया है कि कुलपति द्वारा राज्यपाल-सह- कुलाधिपति के निर्देशों की अनदेखी करते हुए यूएमआईएस कंपनी आईटीआई को लाभ पहुंचाया जा रहा है। यूएमआईएस के माध्यम से करोड़ों रूपए का बंदरबांट हो रहा है और छात्र- छात्राओं के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है। यूएमआईएस के कारण बड़े पैमाने पर रिजल्ट में गड़बड़ी की बातें सामने आ रही हैं और छात्र-छात्राओं का संबंधित डाटा भी एजेंसी के हाथ में सुरक्षित नहीं है।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष सह 20 सूत्री सदस्य सुरजीत कुशवाहा ने बताया कि कुलपति ने पीएम-उषा योजनान्तर्गत संपन्न हुए सेमिनार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नाम एवं फोटो नहीं दिया।एक सेमिनार में बांग्लादेश, अरब,फिलिस्तीन एवं बहरीन आदि देशों के भारत-विरोधी शिक्षकों को मधेपुरा आमंत्रित किया गया था।इसके खिलाफ़ राष्ट्रविरोधी छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने पुरजोर आंदोलन किया।इसके बाद कार्यक्रम को स्थगित किया गया।लेकिन समिति के लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व प्रदेश सहमंत्री मनीष चौपाल ने आरोप लगाया है कि कुलपति का रवैया पूरी तरह तानाशाही है।ये विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल से मिलना जरूरी नहीं समझते हैं।इनके द्वारा शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले छात्रों को भी निलंबित किया जाता है और उन पर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं।भाजयुमो जिला महामंत्री राणा करणजीत ने कहा कि कुलपति ने राज्यपाल सचिवालय के निर्देशों के
विपरीत अपने चहेते शिक्षकों को एक से अधिक पदों पर बिठा दिया है। इसके विपरीत जो शिक्षक इनके भ्रष्टाचार के विरोध में आवाज उठाते हैं, उन्हें चुन-चुनकर प्रताड़ित किया जा रहा है।केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे अपने स्तर से इस मामले पर हरसंभव कार्रवाई करेंगे। मामले को राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के संज्ञान में दिया जाएगा और विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / अजय कुमार