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कठुआ, 30 अप्रैल (हि.स.)। जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय कठुआ द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण सर्कुलर में गेहूं की कटाई के बाद पराल जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पराली जलाने की बढ़ती घटनाएं गंभीर पर्यावरण प्रदूषण, मिट्टी की उर्वरता में गिरावट और आम जन के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल रही हैं।
जारी आदेश के अनुसार पूरे जिले में पराली जलाना अब पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। किसानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पराली प्रबंधन के लिए आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तरीकों को अपनाएं, जैसे मल्चिंग, कंपोस्टिंग और हैप्पी सीडर व सुपर एसएमएस जैसी मशीनों का उपयोग। प्रशासन ने कृषि उत्पादन विभाग को निर्देशित किया है कि वह किसानों को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाए और उन्हें तकनीकी सहायता प्रदान करे, ताकि वे पराली का सही प्रबंधन कर सकें। इसके साथ ही राजस्व, पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण और कृषि विभाग को संयुक्त रूप से निगरानी करने और आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना और अन्य कानूनी कार्यवाही शामिल होगी। सभी उप मंडल अधिकारियों, तहसीलदारों और संबंधित अधिकारियों को इस आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने और अपने-अपने क्षेत्रों में सख्ती से पालन करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया