बलरामपुर : पद्म पुरस्कार 2027 के लिए नामांकन शुरू, गुमनाम नायकों को मिलेगा राष्ट्रीय पहचान का मौका
बलरामपुर, 30 अप्रैल (हि.स.)। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। समाज के अनसुने नायकों को पहचान दिलाने के लिए आम नागरिकों से भी सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है। गणतंत्र दिवस 2027 के
बलरामपुर : पद्म पुरस्कार 2027 के लिए नामांकन शुरू, गुमनाम नायकों को मिलेगा राष्ट्रीय पहचान का मौका


बलरामपुर, 30 अप्रैल (हि.स.)। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। समाज के अनसुने नायकों को पहचान दिलाने के लिए आम नागरिकों से भी सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है।

गणतंत्र दिवस 2027 के अवसर पर दिए जाने वाले देश के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री के लिए नामांकन प्रक्रिया 15 मार्च 2026 से आधिकारिक पोर्टल पर प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक व्यक्ति और संस्थाएं 31 जुलाई 2027 तक ऑनलाइन माध्यम से अपना नामांकन प्रस्तुत कर सकते हैं।

कार्यालय आयुक्त, सरगुजा संभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इन पुरस्कारों के माध्यम से देश के दूरस्थ वनांचल, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कार्य कर रहे उन गुमनाम नायकों को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है, जिन्होंने समाज सेवा, कला, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से उल्लेखनीय योगदान दिया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पद्म पुरस्कार केवल प्रसिद्ध व्यक्तियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ऐसे प्रेरणादायी व्यक्तित्वों को भी सम्मानित करने का अवसर है, जो चुपचाप समाज के लिए असाधारण कार्य कर रहे हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर उनका नामांकन सुनिश्चित करना समाज की जिम्मेदारी भी है।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास के योग्य समाजसेवियों, नवाचार करने वाले व्यक्तियों और प्रतिभाशाली नागरिकों को इस सम्मान के लिए आगे बढ़ाएं। नामांकन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी, जिससे देश के किसी भी कोने से आसानी से आवेदन किया जा सके।

नामांकन प्रक्रिया से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी या तकनीकी समस्या होने पर आवेदक कार्यालय आयुक्त, सरगुजा संभाग के दूरभाष क्रमांक 07774-241401 पर संपर्क कर सकते हैं।

यह पहल न केवल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने का माध्यम है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले व्यक्तियों को पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय