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किशनगंज, 30 अप्रैल (हि.स.)। जिले की पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है।फर्जी निवेश कंपनी बनाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना को उत्तर प्रदेश के नोएडा से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पिछले दो वर्षों से फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 मंगलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए आरोपी इकबाल अहमद, निवासी दिघलबैंक, को 26 अप्रैल को नोएडा से गिरफ्तार किया। उसे ट्रांजिट रिमांड पर किशनगंज लाया गया है और न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, बहादुरगंज रोड स्थित फास्ट वर्ड निधि लिमिटेड नामक एक फर्जी कंपनी बनाकर वर्ष 2022 में भोले-भाले लोगों को अधिक ब्याज का झांसा दिया गया था। इसके जरिए विभिन्न किश्तों में कुल 81.83 लाख रुपये की ठगी की गई। इस मामले में दिघलबैंक थाना कांड संख्या-66/24, दिनांक 10 जून 2024 को भादवि की धारा 323, 406, 417, 420 एवं 120(बी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस कांड में पूर्व में एक अन्य आरोपी अफजल अहमद को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की राशि की बरामदगी के लिए गहन पूछताछ कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी के पास से 11 चेकबुक, 16 डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। छापेमारी दल में एसडीपीओ-2 मंगलेश कुमार सिंह, पुलिस निरीक्षक राजू कुमार, जिला आसूचना इकाई के प्रभारी मो. मुश्ताक, थानाध्यक्ष दिघलबैंक विपीन कुमार सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने आमजनों से अपील की है कि किसी भी निवेश से पहले संबंधित कंपनी की वैधता की जांच अवश्य करें और अधिक लाभ के लालच में अज्ञात संस्थाओं में पैसा न लगाएं। संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना को देने को कहा गया है।
हिन्दुस्थान समाचार/धर्मेन्द्र सिंह
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह