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बीकानेर, 30 अप्रैल (हि.स.)। कलक्टर निशांत जैन ने कहा कि जिले को नशा मुक्त बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए प्रत्येक विभाग, संगठन और नागरिक अपनी प्रभावी भूमिका निभाएं। जागरुकता का सघन अभियान चलाने के साथ ही नशे के भंडारण एवं विक्रय के खिलाफ भी प्रभावी कानूनी की जाए।
जिला कलक्टर ने गुरुवार को नार्को काॅर्डिनेशन सेंटर की जिला स्तरीय कमेटी की बैठक की अध्यक्षता के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान केन्द्र सरकार का महत्त्वाकांक्षी अभियान है तथा उच्च स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा होती है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों का दुरूपयोग एवं इनकी तस्करी रोकने के लिए जिला स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए तथा इसका क्रियान्वयन हो।
जिला कलक्टर ने कहा कि नशे के विरूद्ध जागरुकता अभियान में शिक्षा, चिकित्सा, सामजिक न्याय एवं अधिकारिता सहित लगभग सभी विभागों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन सभी विभागों द्वारा जागरुकता की सतत गतिविधियां आयोजित की जाएं।
पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने कहा कि स्कूल, काॅलेज, विश्वविद्यालयों में जागरुकता कार्यक्रम करें। नई संस्थाओं और व्यक्तियों को इससे जोड़ें तथा ‘जागरुकता इंफ्लुएंसर’ के तौर पर उनका सहयोग लें। उन्होंने खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां भी चाक-चौबंद रहें तथा अतिरिक्त सतर्कता रखते हुए नशे के विरूद्ध सख्त प्रहार करें। उन्होंने सीमावृत्ति क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता रखने के साथ विभागों को उनके खुफिया सूचना तंत्र को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में नशे के विरूद्ध ‘जीरो टोलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। इससे जुड़े प्रत्येक अपराधी के साथ सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर (नगर) रमेश देव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चक्रवर्ती सिंह राठौड़ सहित पुलिस, विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव