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खूंटी, 30 अप्रैल (हि.स.)। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने संभावित संदिग्ध कटौती और मतदाता सूची में छेड़छाड़ के आरोपों के बीच बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-2) की नियुक्ति को लेकर जिले भर में व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी की ओर से विभिन्न प्रखंडों में लगातार बैठकें आयोजित कर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है और उन्हें हर हाल में सही मतदाताओं का नाम सूची में जोड़ने और गड़बड़ी पर नजर रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं। खूंटी डाक बंगला में गुरुवार को आयोजित बैठक में झामुमो नेताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए चुनाव आयोग पर दबाव बनाया जा रहा है।
नेताओं का दावा है कि हाल ही में बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिनमें अधिकतर विपक्षी विचारधारा से जुड़े लोग थे। पार्टी का आरोप है कि इसी मॉडल को अब झारखंड में लागू करने की तैयारी चल रही है।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जुबैर अहमद ने कहा कि एसआइआर के माध्यम से विपक्ष को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वहां केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती कर राज्य पुलिस की भूमिका सीमित की गई, जिससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हुई।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे समाज में धर्म, जाति और समुदाय के आधार पर फैलाए जा रहे भ्रम से सतर्क रहें। उन्होंने
हर बूथ पर सतर्क रहने का निर्देश दिया।
केंद्रीय सदस्य सह जिला सचिव सुशील पाहन ने कहा कि एसआइआर प्रक्रिया के नाम पर एक विशेष एजेंडे के तहत मतदाताओं को हटाया जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे हर बूथ पर सक्रिय रहकर नए मतदाताओं का नाम जोड़ें, फर्जी नाम हटाने में सहयोग करें और किसी भी वैध मतदाता का नाम कटने न दें।
बैठक में केंद्रीय सदस्य स्नेहलता कंडुलना, सुशांति कोनगाड़ी, गुलशन सिंह मुंडा, क्रीड़ा मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रकाश नाग मुंडा सहित अन्य मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मिश्रा