बारिश और ओलावृष्टि से 50 एकड़ में लगी फसल बर्बाद, किसान परेशान
पूर्वी सिंहभूम, 30 अप्रैल (हि.स.)। जिले में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बुधवार और गुरुवार को हुई तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने बहरागोड़ा, चाकुलिया, पटमदा सहित कई ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचाई है
गरमा धान


पूर्वी सिंहभूम, 30 अप्रैल (हि.स.)। जिले में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बुधवार और गुरुवार को हुई तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने बहरागोड़ा, चाकुलिया, पटमदा सहित कई ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचाई है। जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर खेतों में खड़ी और कटी फसलों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।

बहरागोड़ा और बरसोल क्षेत्र के किसानों के लिए यह बारिश किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। करीब 85.2 मिमी हुई बारिश से गरमा धान की फसल पूरी तरह जमीन पर गिर गई। कृषि विभाग के अनुसार लगभग 50 एकड़ में लगी धान की फसल प्रभावित हुई है, जबकि सब्जियों की खेती को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर कटाई के लिए तैयार फसल भी पानी में डूबकर खराब हो गई है।

कृषि पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित किसानों को फसल बीमा योजना के तहत राहत दिलाने की प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी गई है। हालांकि किसानों का कहना है कि नुकसान इतना अधिक है कि केवल बीमा पर्याप्त नहीं होगा, इसलिए उन्होंने सरकार से तत्काल मुआवजा देने की मांग की है।

इस प्राकृतिक आपदा का असर केवल कृषि तक सीमित नहीं रहा। तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर बिजली के इंसुलेटर फट गए और तार टूटकर गिर गए, जिससे व्यापक बिजली बाधित हो गई। बिजली विभाग की टीमें युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी हुई है ताकि जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल की जा सके।

स्थानीय किसानों का कहना है कि इस समय धान और सब्जियों की फसल उनके लिए आय का मुख्य स्रोत थी, लेकिन अचानक आई इस आपदा ने उनकी आर्थिक स्थिति को गहरा झटका दिया है। अब सभी की नजरें प्रशासन और सरकार पर टिकी हैं कि उन्हें कब और कितनी राहत मिलती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक