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जयपुर, 27 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थान सरकार की राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के तहत दवाओं के भुगतान में हो रही देरी को लेकर सोमवार को प्रदेशभर के दवा कारोबारी सोमवार को सड़कों पर उतर आए। करीब 2000 दवा विक्रेताओं ने जयपुर स्थित स्वास्थ्य भवन के बाहर प्रदर्शन कर लंबित भुगतान जारी करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कारोबारी रवि गुप्ता ने बताया कि पिछले करीब दस महीनों से करोड़ों रुपये के बिल अटके हुए हैं। हालात यह हैं कि दो लाख रुपये के बकाया पर महज दस हजार रुपये का आंशिक भुगतान किया जा रहा है, जिससे छोटे और मध्यम दुकानदारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
दवा विक्रेताओं ने थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (टीपीए) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि बड़ी संख्या में बिल बिना ठोस कारण के रिजेक्ट किए जा रहे हैं और ‘शॉर्ट पेमेंट’ के कारण व्यापार प्रभावित हो रहा है।
करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया और समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि कारोबारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पारदर्शी समाधान नहीं हुआ तो प्रदेशभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
दवा कारोबारियों की प्रमुख मांगों में बिलों का समयबद्ध भुगतान, निर्णय प्रक्रिया में केमिस्ट प्रतिनिधियों की भागीदारी, टीपीए की मनमानी पर रोक तथा पूरी भुगतान प्रणाली को ऑनलाइन व पारदर्शी बनाना शामिल है। साथ ही वर्ष 2022 से 2024 तक के सभी लंबित बिलों का एकमुश्त भुगतान करने की मांग भी उठाई गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश