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सुपौल, 27 अप्रैल (हि.स.)। जिले के राघोपुर प्रखंड कार्यालय के मुख्य द्वार के पास आरओबी (रोड ओवर ब्रिज) के किनारे बनी सर्विस रोड एक बार फिर हल्की बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई है।
महज दो माह 11 दिनों के भीतर यह दूसरी घटना है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, इससे पहले 22 मार्च को भी बारिश के कारण यही सड़क बह गई थी। उस समय आनन-फानन में जेसीबी मशीन से मलबा डालकर अस्थायी मरम्मत कर दी गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उस वक्त सिर्फ खानापूर्ति की गई थी, जिसका नतीजा अब फिर सामने आया है।बीते रविवार रात हुई हल्की बारिश के बाद सोमवार दोपहर सड़क के दोबारा टूटने की खबर सामने आई। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जो राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं। खासकर रात के समय अंधेरे में यह स्थिति दुर्घटना की आशंका को कई गुना बढ़ा देती है।
स्थानीय नागरिकों ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि हाल ही में आम आवागमन के लिए खोली गई सड़क का इतनी जल्दी खराब हो जाना निर्माण एजेंसी की लापरवाही को दर्शाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण मामूली बारिश भी सड़क नहीं झेल पाई।यह समस्या खासतौर पर रात में ट्रेन यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है, क्योंकि अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देते।
जिम्मेदारी तय न होने को लेकर लोगों में नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।इस संबंध में एनएच-106 के कार्यपालक अभियंता सत्येंद्र पाठक ने बताया कि निर्माण एजेंसी को क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एजेंसी के साथ पांच साल का अनुबंध है, जिसके तहत सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी भी उसी की है। हालांकि, स्थानीय लोग केवल मरम्मत से संतुष्ट नहीं हैं। वे पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र