लोकसंस्कृति की जीवित धरोहर पार्वतेव्वा होंगल को मानद डॉक्टरेट, 550 से अधिक लोकगीतों की संरक्षिका बनीं प्रेरणा
धारवाड़, 27 अप्रैल (हि.स.)। कर्नाटक के धारवाड़ जिले की मिट्टी से उभरीं लोकगायिका श्रीमती पार्वतेव्वा सिद्धप्पा होंगल आज लोकसंस्कृति और परंपरा की जीवित पहचान बन चुकी हैं। अपने स्वर में सदियों पुरानी लोक परंपराओं, ग्रामीण जीवन मूल्यों और सांस्कृतिक व
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