मुरादाबाद की 64,150 महिलाओं के खाते में प्रत्येक वर्ष आ रही निराश्रित महिला पेंशन योजना
चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 6,241 नई महिलाओं को जोड़ा गया
निराश्रित महिला पेंशन योजना उत्तर प्रदेश सरकार


--ऑनलाइन आवेदन से खत्म हुई भागदौड़, डीबीटी के माध्यम से हर तिमाही घर बैठे पहुंच रही किस्त

मुरादाबाद, 19 अप्रैल (हि.स.)। मुरादाबाद के जिलाधिकारी अनुज सिंह के नेतृत्व में जिले में सरकार की जनकल्याणकारी को प्रभावी ढंग से लागू कराया जा रहा है। प्रत्येक पात्र व्यक्ति को उनकी पात्रता अनुरूप योजनाओं का लाभ मिले, इसको लेकर जिलाधिकारी द्वारा प्रत्येक विभागीय अधिकारी को गंभीरतापूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत जिले की 64,150 निराश्रित महिलाओं के खाते में सीधे सालाना 12 हजार आ रहे हैं।

जिले में महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित निराश्रित महिला पेंशन योजना बेसहारा महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरी है। योजना के तहत महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से सालाना 12,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। डीबीटी के माध्यम से यह पैसा सीधे उनके बैंक खातों में पहुंच रहा है, जिससे न केवल उनका आर्थिक संकट कम हुआ है, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव आया है।

जिला प्रोबेशन अधिकारी राजेश गुप्ता के अनुसार, जनपद में अब तक कुल 64,150 महिलाओं को इस योजना का सीधा लाभ मिल रहा है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 6,241 नई महिलाओं को इस पेंशन योजना से जोड़ा गया है।

आर्थिक संकट से मिली बड़ी राहत :

निराश्रित महिलाओं के जीवन यापन को आसान बनाने में यह योजना काफी कारगर साबित हो रही है। यह राशि 12,000 रुपये सालाना के रूप में त्रैमासिक आधार पर चार किस्तों में सीधे महिलाओं के खाते (डीबीटी) में भेजी जाती है। इस नियमित आर्थिक मदद से महिलाओं की आर्थिक निर्भरता कम हुई है और उनके ऊपर से आर्थिक संकट का बोझ भी काफी हद तक कम हो गया है।

ऑनलाइन प्रक्रिया से खत्म हुई दफ्तरों की भागदौड़ :

योजना में पारदर्शिता लाने और सहूलियत बढ़ाने के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले के मुकाबले काफी आसान कर दी गई है। जब से योजना को पूरी तरह ऑनलाइन किया गया है, तब से महिलाओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। अब महिलाएं आवेदन करने के उपरांत घर बैठे ही योजना का लाभ प्राप्त कर रही हैं। इस ऑनलाइन व्यवस्था से मिली सुविधा के कारण अब अधिक संख्या में महिलाएं इस योजना से जुड़ने के लिए आगे आ रही हैं।

गांव-गांव तक चल रहा है जागरूकता अभियान :

योजना का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी हर पात्र महिला तक पहुंचे, इसके लिए प्रशासन स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जनपद, तहसील, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर बड़े पैमाने पर योजना का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को जानकारी देने के लिए विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं, होर्डिंग लगाए गए हैं और पेंटिंग आदि के जरिए भी उन्हें जागरूक किया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल