बस्तर में परिवहन आरक्षक भर्ती परीक्षा में 5,720 परीक्षार्थी में से 2,225 अभ्यर्थी अनुपस्थित
जगदलपुर, 19 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा रविवार 19 अप्रैल को परिवहन विभाग के अंतर्गत परिवहन आरक्षक के रिक्त पदों हेतु लिखित भर्ती परीक्षा का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन
बस्तर में परिवहन आरक्षक भर्ती परीक्षा


जगदलपुर, 19 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा रविवार 19 अप्रैल को परिवहन विभाग के अंतर्गत परिवहन आरक्षक के रिक्त पदों हेतु लिखित भर्ती परीक्षा का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा बस्तर जिले में कुल 21 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे, जहां आज रविवार सुबह 11 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक परीक्षार्थियों ने अपनी बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन किया।

परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने इस बार अत्यंत कड़े सुरक्षा मानक अपनाए थे, जिसके तहत केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर से गहन जांच की गई और अभ्यर्थियों को अनिवार्य रूप से आधे बांह वाले हल्के कपड़े व चप्पल पहनकर आने के निर्देश दिए गए थे। इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए जिले में कुल 5,720 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 3,495 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जबकि 2,225 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।

प्रमुख केंद्रों जैसे शासकीय काकतीय पीजी कॉलेज में 360 में से 199, झाड़ा सिरहा इंजीनियरिंग कॉलेज में 225 और शासकीय दन्तेश्वरी महिला महाविद्यालय में 220 परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसी प्रकार सेजेस कन्या विद्यालय राजेंदर नगर में 236 और स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल धरमपुरा में 233 परीक्षार्थी शामिल हुए। छोटे केंद्रों में भी उत्साह बना रहा, जहाँ शासकीय आईटीआई जगदलपुर में 81 और कालीबाड़ी स्कूल में 62 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।

परीक्षा के सुचारू संचालन हेतु जिला प्रशासन ने तहसीलदारों के नेतृत्व में तीन विशेष उड़नदस्ता दलों का गठन किया था, जिन्होंने केंद्रों का औचक निरीक्षण कर किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी। नोडल अधिकारी की सहायता के लिए सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख ब्रजभूषण देवांगन और आशीष साहू को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई थी। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश हेतु अभ्यर्थियों को केवल मूल प्रवेश पत्र और फोटोयुक्त पहचान पत्र के साथ ही अनुमति दी गई, जबकि जूते-मोजे, घड़ी, बेल्ट और आभूषणों जैसी वस्तुओं को पूर्णतः वर्जित रखा गया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे