अब बिना ऑनलाइन नक्शा बटांकन नहीं होगा जमीन का पंजीयन, कलेक्टर का सख्त फैसला
धमतरी, 19 अप्रैल (हि.स.)। धमतरी जिले में भूमि संबंधी विवादों पर लगाम कसने और राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बड़ा निर्णय लिया है। अब जिले के किसी भी गांव में बिना विधिवत ऑनलाइन नक्शा बटांकन के जमीन का पंजीयन नहीं क
स्थल निरीक्षण करते हुए कर्मचारी व ग्रामीण।


धमतरी, 19 अप्रैल (हि.स.)। धमतरी जिले में भूमि संबंधी विवादों पर लगाम कसने और राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बड़ा निर्णय लिया है। अब जिले के किसी भी गांव में बिना विधिवत ऑनलाइन नक्शा बटांकन के जमीन का पंजीयन नहीं किया जाएगा। इस आदेश के साथ ही केवल नजरी नक्शा के आधार पर होने वाले पंजीयन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि, ऑनलाइन पंजीयन के बाद स्वतः नामांतरण की प्रक्रिया लागू है, लेकिन कई मामलों में केवल पटवारी द्वारा तैयार नजरी नक्शा के आधार पर दस्तावेज बनाए जा रहे थे। इससे भविष्य में जमीन के रकबे और सीमांकन को लेकर त्रुटियों की आशंका बनी रहती थी, जो आगे चलकर विवाद और न्यायालयीन मामलों का कारण बनती थी। नई व्यवस्था के तहत परिवर्तित शीट भूमि और बटांकन योग्य खसरों को छोड़कर अन्य किसी भी राजस्व भूमि का पंजीयन अब बिना ऑनलाइन नक्शा बटांकन के संभव नहीं होगा। प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से भूमि अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित होगी और खरीदारों को बाद में नक्शा बटांकन के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस निर्णय से न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि जमीन की अवैध बिक्री और अनियमित विकास पर भी प्रभावी नियंत्रण लगेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस कदम से भविष्य में राजस्व विवादों और कोर्ट केसों में उल्लेखनीय कमी आएगी। जिले में इस फैसले को आम नागरिकों के हित में एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो भूमि प्रबंधन व्यवस्था को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा