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सहरसा, 19 अप्रैल (हि.स.)।गायत्री शक्रिपीठ में विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत दीक्षांत समारोह एवं ज्ञानदीक्षा समारोह का आयोजन हुआ,जिसमें गायत्री कंप्यूटर शिक्षण संस्थान के प्रशिक्षुओ का दीक्षान्त समारोह एवं नये सत्र के प्रशिशुओं का दीक्षारंम्भ संस्कार हुआ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन -डाक्टर कल्याणी सिंह, जिला व्यायाधीश, रंजुवा भारती, अनुजा,गौतम सिंडिकेट, उमा जायसवाल एवं जिला संयोजक ललनकुमार सिंह ने किया।इस अवसर पर डॉक्टर अरुण कुमार जायसवाल ने कहा कि ज्ञान हीं हमें सभी दुःखों से मुक्त करता है। सबसे बड़ा दुःख अज्ञान, अभाव,आशक्ति है। इसलिए ईन्सान को ज्ञान की जरूरत है।भारतीय संस्कृति में इस प्रकार का आयोजन है।
उन्होंने कहा- ज्ञान दीक्षा का मतलब ज्ञानका आरम्भ होता है।इस अवसर पुराने बैच के शिक्षार्थी का दीक्षान्त समारोह हुआ।इस अवसर पर जिला जज रंजुला भारती ने कहा यह सौभाग्य की बात इतना सुन्दर व्याख्यान एवं वातावरण देखने व सुनने को मिला जिसका श्रेय जायसवाल साहब को जाता है।
डा कल्याणी सिंह ने कहा हमारी संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता, अहिंसा एवं सबका सम्मान है। इस अवसर पर गायत्री मंत्र की दीक्षा एर्व नामकरणसंस्कार सम्पन्न हुआ।इस अवसर पर कम्प्युर शिक्षण संस्थान ने शिक्षा में प्रथम, प्रिंसकुमार, द्वितीय, मुस्कान कुमारी तथा तृतिय स्थान पाने वाले शिक्षाथी अतुल कुमार को उपहार स्वरूप एक-एक कर लैप दिया गया।इसके साथ ही 10 शिक्षार्थी को कन्डोलेंस पुरष्कार स्मार्ट वाच उपहार स्वरूप दिया गया।इस अवसर पर सभी गायत्री परिजन, के अलावे
हिन्दुस्थान समाचार / अजय कुमार