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खूंटी, 19 अप्रैल (हि.स.)। अड़की प्रखंड के बीरबांकी गांव में रविवार को समिति का 15वां स्थापना दिवस सह सरना धर्म सम्मेलन एवं प्रार्थना स भा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत धर्मगुरु धीरजु मुंडा, बुधराम सिंह मुंडा और सोमा मुंडा की अगुवाई में सरना स्थल पर भगवान सिङबोंगा की पूजा-अर्चना से हुई। इस दौरान अनुयायियों ने समाज की सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धर्मगुरु बगरय ओड़ेया ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान सिङबोंगा की स्तुति से मन में भक्ति और श्रद्धा की भावना प्रबल होती है। इससे समाज में प्रेम, भाईचारा और एकता का वातावरण बनता है तथा लोभ, लालच और अहंकार जैसी बुराइयों से मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि भगवान के सामने सभी समान हैं, इसलिए हमें धर्म के मार्ग पर चलकर समाज में प्रेम और सद्भाव बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने लोगों से गरीबों, शोषितों, पीड़ितों और दीन-दुखियों की निस्वार्थ भाव से सेवा करने का आह्वान किया। धर्मगुरु बगरय मुंडा ने कहा कि धरती आबा बिरसा मुंडा ने जिस समृद्ध और समानता पर आधारित समाज की कल्पना की थी, वह आज भी अधूरी है। उन्होंने सामाजिक भेदभाव, रूढ़िवादी सोच और धार्मिक-सामाजिक कुरीतियों को त्यागने की अपील की थी।
उन्होंने कहा कि सरना समाज को मजबूत और खुशहाल बनाने के लिए समाज में फैली बुराइयों, अन्याय, अत्याचार और कुप्रथाओं को दूर करने की जरूरत है। कार्यक्रम में अड़की, बुंडू, दलभंगा, तपकारा, खूंटी, मुरहू और बंदगांव समेत विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सरना धर्मावलंबी शामिल हुए।
इस अवसर पर लुकीन मुंडा, सागर मुंडा, बाजीनाथ समद, सोभा मुंडा, हालु मुंडा, मुचिराय मुंडा, पांडु मुंडा, सागु मुंडा, मनीराम पहान, एतवा मुंडा, लोरसिंह मुंडा, मथुरा कंडीर, मधु कंडीर, मंगल सिंह मुंडा, करमु हेंबरोम, सोमा हेंबरोम और सोमनाथ मुंडा सहित कई लोगों का सहयोग रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मिश्रा