Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

जौनपुर, 19 अप्रैल (हि.स.)। परशुराम जयंती के पावन अवसर पर रविवार शाम अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा.) के तत्वावधान में जौनपुर शोभायात्रा निकाली गई। कार्यक्रम का आयोजन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित राजेंद्र नाथ त्रिपाठी के आह्वान पर तथा जिलाध्यक्ष रत्नाकर चौबे के नेतृत्व में किया गया।
शोभायात्रा हरबसपुर शुक्ला मैरिज हॉल से प्रारंभ होकर कुल्हना मऊ स्थित भगवान परशुराम मंदिर तक पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भक्ति गीतों के साथ पूरे मार्ग में उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा। मंदिर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर मंगल दर्शन किए।इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रत्नाकर चौबे ने भगवान परशुराम के जीवन और उनके महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे परम ब्रह्म के छठे अवतार माने जाते हैं, जिनका जन्म त्रेता युग में अक्षय तृतीया के दिन हुआ था। उन्होंने बताया कि भगवान शिव के आशीर्वाद से फरसा प्राप्त होने के बाद ही उनका नाम परशुराम पड़ा।
चौबे ने कहा कि भगवान परशुराम ने अत्याचारियों का संहार कर पृथ्वी को अन्याय से मुक्त किया और ‘भूदेव’ की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने जौनपुर को महर्षि जमदग्नि की तपोभूमि बताते हुए कहा कि कुल्हना मऊ में स्थापित भगवान परशुराम की प्रतिमा समाज को सदैव अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संदेश देती रहेगी। कार्यक्रम में संगठन के कई पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें पंडित श्रीपति उपाध्याय, ज्ञान प्रकाश मिश्रा, अवध नारायण तिवारी, जयेंद्र शुक्ला, संजीव पाठक, दीपक पांडे सहित अन्य लोग शामिल रहे। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव