अशोकनगर: धर्म परिवर्तन और निकाह कांड के 2 मुख्य आरोपी भोपाल से गिरफ्तार
अशोकनगर, 19 अप्रैल(हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के पिपरई कस्बे में तीन हिंदू नाबालिग बेटियों के साथ हुए धर्मांतरण और दरिंदगी के सनसनीखेज मामले में पुलिस को रविवार को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस की विशेष टीम ने ने 10 हजार के इनामी दो मुख्य आर
Ashoknagar: 2 main accused in religious conversion and Nikah


Jassi Kinnar arrested from Bhopal in case of


अशोकनगर, 19 अप्रैल(हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के पिपरई कस्बे में तीन हिंदू नाबालिग बेटियों के साथ हुए धर्मांतरण और दरिंदगी के सनसनीखेज मामले में पुलिस को रविवार को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस की विशेष टीम ने ने 10 हजार के इनामी दो मुख्य आरोपियों, अल्तमश कुरैशी और आहद उर्फ आहत शेख को भोपाल के मोतीबाग और ऐशबाग इलाकों से दबोच लिया है।

भोपाल के अड्डों पर दी दबिश, गिरफ्त में आए दरिंदे:

पिपरई थाने में 16 अप्रैल को दर्ज हुई प्राथमिकी के बाद से ही ये आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस की घेराबंदी के बीच, एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भोपाल में दबिश दी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है। अल्तमश कुरैशी (19) पिता रफीक कुरैशी, निवासी मोतीबाग, भोपाल। आहद उर्फ आहत शेख (19) पिता हबीबुल्लाह, निवासी ऐशबाग, भोपाल। इससे पहले पुलिस इस साजिश की अहम कड़ी, जस्सी किन्नर और एक अन्य नाबालिग को भी भोपाल से गिरफ्तार कर चुकी है।

जस्सी किन्नर: लालच, बुर्का और धर्मांतरण की मास्टरमाइंड

पुलिस जांच में यह खौफनाक तथ्य सामने आया है कि इस पूरे कांड के पीछे एक संगठित गिरोह (रैकेट) सक्रिय था। जस्सी किन्नर पर आरोप है कि उसने ही मासूम बच्चियों को अपने जाल में फंसाया, उन्हें आरोपियों से मिलवाया और फिर लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया। बच्चियों को जबरन बुर्का पहनाकर उनकी पहचान मिटाने और उन्हें निकाह के नाम पर प्रताड़ित करने का षड्यंत्र जस्सी ने ही रचा था।

अभी कई नकाबपोश चेहरे पुलिस की रडार पर:

भले ही मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए हों, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अभी भी बना हुआ है— इस संगठित रैकेट का असली आका कौन है? पुलिस के लिए अब यह चुनौती है कि वह उस गहरे वित्तीय और वैचारिक तंत्र का खुलासा करे जो इन युवाओं और किन्नरों का इस्तेमाल कर हिंदू नाबालिगों को निशाना बना रहा है। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता है। अब रिमांड के दौरान पूछताछ में इस रैकेट से जुड़े अन्य सफेदपोशों और षड्यंत्रकारियों के नाम सामने आने की उम्मीद है। हम जांच के हर उस बिंदु पर काम कर रहे हैं जो इस संगठित अपराध की जड़ों तक जाता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार