डोगरी साहित्य को मिली नई सौगात, तीन पुस्तकों का भव्य लोकार्पण
जम्मू 19 अप्रैल (हि.स.)। डोगरी संस्था जम्मू द्वारा के. एल. सहगल हॉल, राइटर्स क्लब जम्मू में आयोजित एक भव्य साहित्यिक समारोह में आज तीन डोगरी पुस्तकों का विधिवत लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध लेखिका चंचल भसीन की दो बाल पुस्तकें “गंडीले दे फु
डोगरी साहित्य को मिली नई सौगात, तीन पुस्तकों का भव्य लोकार्पण


जम्मू 19 अप्रैल (हि.स.)। डोगरी संस्था जम्मू द्वारा के. एल. सहगल हॉल, राइटर्स क्लब जम्मू में आयोजित एक भव्य साहित्यिक समारोह में आज तीन डोगरी पुस्तकों का विधिवत लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध लेखिका चंचल भसीन की दो बाल पुस्तकें “गंडीले दे फुल्ल” (लघु कथा संग्रह) और “तारें दी झिलमिल” (कविता संग्रह) तथा नरेंद्र भसीन द्वारा रचित “हिरखै दी बेल” (लघु कथा संग्रह) का विमोचन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि बी. आर. शर्मा रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. ललित मगोत्रा ने की। प्रो. वीणा गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में साहित्यकारों, विद्वानों और साहित्य प्रेमियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।

पुस्तकों पर समीक्षात्मक टिप्पणियाँ प्रो. वीणा गुप्ता, डॉ. अशोक खजूरिया और विजय कुमार बजाज द्वारा प्रस्तुत की गईं, जबकि संचालन राज कुमार बहुरूपिया ने प्रभावशाली ढंग से किया। लेखकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए मातृभाषा में विशेषकर बच्चों के लिए साहित्य सृजन की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का आकर्षण बाल प्रतिभागी विहान भसीन, लक्ष्य भसीन और नियति बजाज रहे, जिन्होंने नव-प्रकाशित पुस्तकों से कविताओं का आत्मविश्वासपूर्ण पाठ कर सभी का मन मोह लिया।

मुख्य अतिथि बी.आर. शर्मा ने डोगरी संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं का साहित्य सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और नई पीढ़ी को प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाता है। वहीं अध्यक्ष प्रो. ललित मगोत्रा ने डोगरी साहित्य को समृद्ध करने और उच्च गुणवत्ता के बाल साहित्य के प्रकाशन पर बल दिया, जो बच्चों की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाने में सहायक है।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा