प्राचीन ज्ञान और आधुनिक तकनीक के समन्वय से ही सतत कृषि विकास संभव : के. विजयेंद्र पांडियन
कानपुर, 17 अप्रैल (हि.स.)। सतत कृषि विकास के लिए प्राचीन ज्ञान और आधुनिक तकनीकों का समन्वय बेहद आवश्यक है। किसानों को नई तकनीकों से जोड़ते हुए नीतिगत समर्थन देना समय की जरूरत है। कृषि क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ावा देकर ही भविष्य को सुरक्षित बनाया
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