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अररिया,15 अप्रैल(हि.स.)।
फारबिसगंज के तिरसकुंड के प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा में बुधवार को स्कूली बच्चों के बीच विश्व कला दिवस पर संगोष्ठी और चित्रांकन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।जिसमें उत्साहपूर्वक स्कूली बच्चों ने भाग लिया और अपनी कल्पना के आधार पर रंग बिरंगे तस्वीर उकेरे।
मौके पर दिवस ज्ञान की जानकारी देते हुए शिक्षक कुमार राजीव रंजन ने बताया कि विश्व कला दिवस का उद्देश्य कलात्मक,रचनात्मकता, सांस्कृतिक विविधता और दुनिया भर में कला के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है। यह दिन लियोनार्डो दा विंची की जयंती के रूप में मनाया जाता है,जो शांति,अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कलात्मक अभिव्यक्ति के प्रतीक हैं।शुरुआत 2012 में अंतर्राष्ट्रीय कला संघ द्वारा की गई थी। बाद में 2019 में, युनेस्को ने इसे आधिकारिक तौर पर मान्यता दी। इसका उद्देश्य समाज में कला के विकास, प्रसार और रचनात्मकता के महत्व को उजागर करना है। यह दिन अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में कला के माध्यम से शांति और संवाद को प्रोत्साहित करता है।
इस अवसर पर विद्यालय शिक्षा समिति के सचिव मरांगमय देवी, आंगनबाड़ी सेविका मीना टुड्डू सहायिका शनिचरी देवी, अभिभावक अनिता देवी, फूलमुनी देवी सहित स्कूल के शिक्षकगण शामिल थे।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर