नारनौल में उपायुक्त ने आमजन के बीच बैठकर सुनी समस्याएं, देरी पर सख्त चेतावनी
अधिकारियों को जवाबदेही तय करने के निर्देश, योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने पर जोर नारनाैल, 15 अप्रैल (हि.स.)। नारनौल में प्रशासनिक सक्रियता का एक अलग ही नजारा बुधवार को देखने को मिला, जब उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने लघु सचिवालय के प्रतीक्षा क्षेत्
वेटिंग एरिया में बैठकर नागरिकों की शिकायतें सुनते उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार।


अधिकारियों को जवाबदेही तय करने के निर्देश, योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने पर जोर

नारनाैल, 15 अप्रैल (हि.स.)। नारनौल में प्रशासनिक सक्रियता का एक अलग ही नजारा बुधवार को देखने को मिला, जब उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने लघु सचिवालय के प्रतीक्षा क्षेत्र में आमजन के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। बिना किसी औपचारिकता के लोगों के बीच पहुंचकर उनकी शिकायतों को सीधे सुनना प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

जन सुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचे। उन्होंने ने एक-एक नागरिक की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकारी सेवाओं में किसी भी प्रकार की देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उपायुक्त ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रत्येक विभाग अपने कार्यों की जवाबदेही तय करे और यह सुनिश्चित करे कि आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। लोगों की समस्याओं का समाधान तय समय सीमा में किया जाना अनिवार्य है। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद ही बेहतर शासन की पहचान है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे संवेदनशीलता के साथ काम करें और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरें। इस दौरान मौजूद नागरिकों ने भी उपायुक्त की इस पहल की सराहना की और उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा। उन्होंने कहा कि जन सुनवाई का यह तरीका न केवल लोगों का विश्वास बढ़ाता है, बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी मजबूत करता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला