चार माह से लापता युवक का सतलुज किनारे मिला शव
शिमला, 15 अप्रैल (हि.स.)। शिमला जिला के थाना सुन्नी क्षेत्र में सतलुज नदी के किनारे एक लापता युवक का शव बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार यह शव करीब चार महीने पहले लापता हुए युवक का है औऱ इसकी पहचान परिजनों ने कर ली है। पुलिस को 13 अप्रैल को ततापानी क
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शिमला, 15 अप्रैल (हि.स.)। शिमला जिला के थाना सुन्नी क्षेत्र में सतलुज नदी के किनारे एक लापता युवक का शव बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार यह शव करीब चार महीने पहले लापता हुए युवक का है औऱ इसकी पहचान परिजनों ने कर ली है।

पुलिस को 13 अप्रैल को ततापानी के एक राफ्टिंग ऑपरेटर ने फोन पर सूचना दी कि घरयाणा के नीचे सतलुज नदी के किनारे एक मानव शव दिखाई दे रहा है। सूचना मिलते ही थाना सुन्नी की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से नदी में पेड़ों के बीच फंसे गली-सड़ी हालत में शव को बाहर निकाला। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पहचान और पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल सुन्नी के शवगृह में रखा गया।

प्रारंभिक जांच के दौरान शव के कपड़े और हुलिया 21 दिसंबर 2025 को दर्ज गुमशुदगी रिपोर्ट से मेल खाते पाए गए। इसके बाद परिजनों को पहचान के लिए बुलाया गया। 14 अप्रैल को परिजनों ने कपड़ों, जूतों और कद-काठी के आधार पर शव की पहचान दुर्गेश उर्फ काकू निवासी हिमरी, तहसील सुन्नी, जिला शिमला के रूप में की।

पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक की किसी के साथ कोई रंजिश या दुश्मनी नहीं थी और परिजनों ने भी मौत को लेकर कोई संदेह नहीं जताया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पानी में डूबना बताया गया है।

पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि सुन्नी-ततापानी मार्ग के कुछ स्थान क्षतिग्रस्त और जोखिम भरे हैं तथा आसपास घने पेड़-पौधे होने से अंधेरा रहता है। आशंका है कि पैर फिसलने से युवक नदी में गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई।

उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया है। इस मामले में पुलिस ने धारा 194 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा