टाटा मोटर्स गेट पर चला विरोध खत्म, स्थानीय रोजगार को लेकर मिला आश्वासन
पूर्वी सिंहभूम, 15 अप्रैल (हि.स.)। टेल्को थाना क्षेत्र स्थित टाटा मोटर्स के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन बुधवार को समाप्त हो गया। श्रम विभाग के हस्तक्षेप और जिला श्रम पदा
आंदोलनकारी


पूर्वी सिंहभूम, 15 अप्रैल (हि.स.)।

टेल्को थाना क्षेत्र स्थित टाटा मोटर्स के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन बुधवार को समाप्त हो गया।

श्रम विभाग के हस्तक्षेप और जिला श्रम पदाधिकारी (डीएलसी) अरविंद कुमार के साथ सकारात्मक वार्ता के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन वापस लेने का फैसला किया।

यह विरोध मंगलवार को बंटी सिंह गुट के नेतृत्व में शुरू हुआ था, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय युवक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने टाटा मोटर्स के मेन गेट को पूरी तरह जाम कर दिया था, जिससे कंपनी के कर्मचारियों, अधिकारियों और वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई।

गेट जाम रहने के कारण कंपनी के दैनिक कार्यों पर भी असर पड़ा और प्रबंधन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी।

प्रदर्शनकारी पूरी रात गेट के सामने धरने पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे।

प्रदर्शन को उस समय और मजबूती मिली जब आईआईटीयूसी के नेता अंबुज ठाकुर ने इसका समर्थन किया। उनके शामिल होने के बाद आंदोलन का दायरा बढ़ा और प्रशासन पर समाधान निकालने का दबाव भी बढ़ गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और डीएलसी अरविंद कुमार ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।

वार्ता के दौरान डीएलसी ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें भरोसा दिलाया कि नियमानुसार और न्यायसंगत तरीके से उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि स्थानीय युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दों पर संबंधित कंपनी प्रबंधन के साथ समन्वय स्थापित कर उचित पहल की जाएगी। इसी आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।

धरना खत्म होने के बाद टाटा मोटर्स प्रबंधन और सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली। इसके बाद गेट पर सामान्य आवागमन बहाल किया गया और कंपनी के परिचालन को धीरे-धीरे पटरी पर लाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

हालांकि प्रदर्शन समाप्त हो गया है, लेकिन आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दिए गए आश्वासनों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक