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शिमला, 15 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में बुधवार को हिमाचल दिवस का जिला स्तरीय समारोह उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और लोगों को 78वें हिमाचल दिवस की शुभकामनाएं दीं।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल 1948 को 30 छोटी-बड़ी पहाड़ी रियासतों के विलय से हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ था। उन्होंने राज्य निर्माण में प्रजामंडल आंदोलन के नायकों और हिमाचलवासियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही प्रदेश ने देश-विदेश में अलग पहचान बनाई है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को पिछली सरकार से करीब 76 हजार करोड़ रुपये का कर्ज विरासत में मिला, जबकि कर्मचारियों की देनदारियां भी लगभग 10 हजार करोड़ रुपये थीं। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक 25 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लौटाया है और आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए नए संसाधन जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से राज्य को हर साल 8 से 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद सरकार ने राहत राशि बढ़ाकर प्रभावित परिवारों की मदद की है और पहली कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन योजना बहाल की गई। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में 49 राजीव गांधी आदर्श डे-बोर्डिंग स्कूलों के भवन निर्माण और उन्नयन के लिए 99 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है और ऊना में 2500 करोड़ रुपये की लागत से बल्क ड्रग पार्क बन रहा है। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए 680 करोड़ रुपये की स्टार्ट-अप योजना शुरू की गई है और दूध के समर्थन मूल्य में भी बढ़ोतरी की गई है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला शहर के लिए सतलुज से पेयजल परियोजना पर करीब 600 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिससे शहर की पानी की समस्या लंबे समय तक दूर होगी। उन्होंने युवाओं से नशे के खिलाफ चल रहे “चिट्टा मुक्त हिमाचल” अभियान में सहयोग करने की भी अपील की।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा