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श्रीनगर, 15 अप्रैल(हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने और पारंपरिक शिल्प को पुनर्जीवित करने के लिए काम कर रही है साथ ही निवेश और कार्यान्वयन में अंतराल को दूर करने के लिए एक नई औद्योगिक प्रोत्साहन नीति भी तैयार कर रही है। श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पर्यटन सीजन की शुरुआत इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन के उद्घाटन के साथ हुई थी जो आज बंद होने वाला है और पर्यटक अनुभवों का विस्तार करने के प्रयास चल रहे हैं।
स्थानीय कारीगरों को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से की गई पहल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हम पर्यटकों के लिए नई चीजें ला रहे हैं। पर्यटकों को एक ही स्थान पर शॉल, लकड़ी की नक्काशी और तांबे के काम सहित कश्मीर के शिल्प से परिचित कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन पर्यटकों और निवासियों को शिल्पकारों से जोड़ने और उनके कौशल को उजागर करने के लिए अपने कारीगर को जानें कार्यक्रम को बढ़ावा दे रहा है।
हमें पता ही नहीं चलता कि हमारे कारीगरों के हाथों में कितना जादू है। हम चाहते हैं कि न केवल पर्यटक बल्कि स्थानीय लोग भी आएं और इस तरह की पहल से लाभान्वित हों।'' अब्दुल्ला ने पारंपरिक बाजारों की गिरावट पर भी चिंता जताई और कहा कि क्षेत्र में एक विरासत बाजार समय के साथ निष्क्रिय हो गया है। उन्होंने कहा कि 80 से अधिक दुकानें बंद हो गई हैं।
हमें यह समझने की जरूरत है कि कारीगर कहां चले गए हैं और उन्हें सिस्टम में वापस कैसे लाया जाए। औद्योगिक विकास पर अब्दुल्ला ने कहा कि पिछली प्रोत्साहन नीति सितंबर में समाप्त हो गई थी और सरकार हितधारकों की प्रतिक्रिया के आधार पर एक संशोधित ढांचे पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर प्रोत्साहन कागजों पर ही रह जाए और जमीन पर न उतरे तो कोई फायदा नहीं है। हम ऐसी नीति तैयार करने के लिए मौजूदा यूनिट धारकों और संभावित निवेशकों दोनों से परामर्श कर रहे हैं जो वास्तव में काम करती है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य बेहतर कार्यान्वयन सुनिश्चित करना और निवेश को प्रोत्साहित करना है उद्योग और वाणिज्य विभाग नीति को अंतिम रूप देने के लिए इनपुट इकट्ठा कर रहा है।
राष्ट्रीय राजनीति पर अब्दुल्ला ने कहा कि वह प्रस्तावित विधेयक पर समन्वित प्रतिक्रिया पर चर्चा करने के लिए दिन में बाद में नई दिल्ली में विपक्षी भारत गुट की बैठक में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि हम चर्चा करेंगे कि संसद में हमारी भूमिका क्या होनी चाहिए ऐसे फैसले अकेले नहीं लिए जा सकते गठबंधन सामूहिक रूप से फैसला करेगा उन्होंने पिछले परिसीमन अभ्यासों पर भी चिंता व्यक्त की आरोप लगाया कि निर्वाचन क्षेत्र की सीमाओं को इस तरह से फिर से तैयार किया गया जिससे कुछ राजनीतिक हितों को फायदा हुआ। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी कदम का उद्देश्य आम मतदाता के बजाय किसी विशेष पार्टी को लाभ पहुंचाना है तो इसकी सावधानीपूर्वक जांच करनी होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह