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भागलपुर, 14 अप्रैल (हि.स.)। जिले के सबौर प्रखंड स्थित भिट्ठी गांव में विशुआ पर्व के अवसर पर मंगलवार को श्रद्धा और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। इस पावन मौके पर ग्रामीणों ने भगवान विशु को दूध अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहां हर उम्र के लोग भक्ति में लीन नजर आए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस पूजा का विशेष महत्व है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि सच्चे मन से यहां कुछ भी मांगा जाए, तो भगवान विशु उसकी मनोकामना अवश्य पूरी करते हैं। इसी आस्था के कारण हर साल विशुआ पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
ग्रामीणों ने इस अवसर पर विशू बाबा से जुड़ी कई लोक मान्यताओं को भी साझा किया। उनका कहना है कि विशू बाबा का जन्म सबौर के भिट्ठी गांव में ही हुआ था, जबकि उनका पालन-पोषण मधेपुरा के पचरासी में हुआ।
मान्यता के अनुसार, उनकी मृत्यु के बाद एक चमत्कारिक घटना घटी, जब गाय-बकरियों के दूध की धारा बह निकली और वह गंगा में समाहित हो गई। बताया जाता है कि यह धारा बाबूपुर मोड़ तक पहुंची, जिसके बाद लोगों को इस दिव्य घटना का एहसास हुआ। विशुआ पर्व के मौके पर श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन, ध्यान और वंदना के साथ भगवान विशु और विशू बाबा की आराधना की। पूरे गांव में भक्तिमय माहौल बना रहा। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी जीवंत बनाए रखा।
हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर