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नई दिल्ली, 14 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी में नकली कॉस्मेटिक उत्पाद बनाकर बाजार में सप्लाई करने वाले एक संगठित गिरोह का दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में सरगना समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में नकली सामान, कच्चा माल और मशीनरी बरामद की है।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा ने मंगलवार को बताया कि सात अप्रैल को दर्ज एफआईआर संख्या 74/26 के तहत कार्रवाई करते हुए संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर, बादली में छापा मारकर इस अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। यहां से पुलिस ने करीब 20 हजार से अधिक नकली उत्पाद, जिनमें वीट हेयर रिमूवल क्रीम के भरे हुए ट्यूब, पैक्ड यूनिट, खाली ट्यूब, रैपर, कार्टन और केमिकल बरामद किए।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों में रोशन आरा रोड निवासी नीरज गुप्ता (40), समालखा (हरियाणा) निवासी रवि (31), वेस्ट पटेल नगर निवासी सुरेश कुमार राजपूत (56) और बवाना निवासी दिनेश चंद्र सती (54) शामिल हैं। इनमें नीरज गुप्ता इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड है।
जांच में सामने आया है कि आरोपित पिछले करीब दो साल से नकली कॉस्मेटिक उत्पाद बनाने और सप्लाई करने का धंधा चला रहे थे। कम मुनाफे के कारण नीरज गुप्ता ने असली ब्रांड की नकल कर नकली वीट क्रीम बनानी शुरू की। इसके लिए बादली में अवैध यूनिट स्थापित की गई, जहां घटिया केमिकल और मशीनों की मदद से बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाता था।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार गिरोह के सदस्य अलग-अलग जिम्मेदारी निभा रहे थे। रवि पैकेजिंग मैटेरियल और रैपर की व्यवस्था करता था, जबकि सुरेश कुमार राजपूत बवाना स्थित अपनी फैक्ट्री में नकली ब्रांड के डिब्बे और प्रिंटिंग का काम करता था। दिनेश चंद्र सती इस यूनिट में सुपरवाइजर के तौर पर प्रिंटिंग और पैकिंग में सहयोग करता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तैयार नकली उत्पादों को स्थानीय बाजारों, साप्ताहिक बाजारों और आसपास के राज्यों में सप्लाई किया जाता था, जिससे आम लोगों को धोखा दिया जा रहा था और असली कंपनियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा था। इस मामले की शुरुआत 6 अप्रैल को हुई, जब एम/एस रेकिट बेंकाइजर (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि ने नकली वीट उत्पादों की शिकायत दी थी। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारकर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और कॉपीराइट एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल आरोपितों से पूछताछ जारी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य सप्लायर, डिस्ट्रीब्यूटर और रिटेलरों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से बाजार में बड़ी मात्रा में नकली और संभावित रूप से हानिकारक उत्पादों की सप्लाई को रोका गया है। साथ ही पुलिस ने साफ किया है कि इस तरह के संगठित अपराधों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी