बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ के हमले से महिला की मौत, महुआ बीनने गई थी जंगल
उमरिया, 10 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले स्थित विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में शुक्रवार काे एक बार फिर बाघ के हमले में महिला की मौत हो गई। घटना पनपथा कोर क्षेत्र की है, जहां महुआ बीनने गई महिला को बाघ ने अपना शिकार बना लिया। क्
बाघ के हमले से महिला की मौत महुआ बीनने के दौरान हुई घटना


उमरिया, 10 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले स्थित विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में शुक्रवार काे एक बार फिर बाघ के हमले में महिला की मौत हो गई। घटना पनपथा कोर क्षेत्र की है, जहां महुआ बीनने गई महिला को बाघ ने अपना शिकार बना लिया। क्षेत्र में लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम झलवार निवासी कुसुम बाई गोड़ (पति स्व. रामचंद्र गोंड) शुक्रवार को पनपथा कोर क्षेत्र के कक्ष क्रमांक आरएफ 460 में बी-2 कैंप के पास झिरिया जंगल में महुआ बीनने गई थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें घसीटते हुए झाड़ियों में ले गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

इंदवार थाना प्रभारी विजय सिंह पटले ने बताया कि दोपहर में ग्रामीणों ने घटना देखी और इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया गया है और शव को गांव लाया जा रहा है।

वहीं, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा एसडीओ भूरा गायकवाड़ ने बताया कि सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और परिजनों को सांत्वना दी गई। पुलिस की मदद से पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। तात्कालिक सहायता के रूप में परिजनों को 5 हजार रुपये प्रदान किए गए हैं। शासन द्वारा निर्धारित 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि नियमानुसार प्रदान की जाएगी।

गौरतलब है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बाघों की बढ़ती गतिविधियों के चलते मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्‍द्र त्रिपाठी