सबरीमाला : संविधान और स्त्री-शक्ति का भारतीय विमर्श
- डॉ. मयंक चतुर्वेदी
भारतीय समाज में धर्म, परंपरा और संवैधानिक मूल्यों का संबंध अत्यंत गहन और बहुआयामी है। सबरीमाला मामला इसी जटिल संबंध का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जहाँ एक ओर धार्मिक आस्था और परंपरा का प्रश्न है, तो दूसरी ओर समानता, गरिमा और अधि
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