किशनगंज में SSB-SDRF की संयुक्त मॉक ड्रिल, आपदा से निपटने का किया प्रदर्शन
किशनगंज, 10 अप्रैल (हि.स.)। जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत फुलवरिया पंचायत के नवनिर्मित पंचायत भवन में शुक्रवार को आपदा प्रबंधन को लेकर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) एवं राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) द्वारा संयुक्त मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गय
किशनगंज में SSB-SDRF की संयुक्त मॉक ड्रिल, आपदा से निपटने का किया प्रदर्शन


किशनगंज, 10 अप्रैल (हि.स.)। जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत फुलवरिया पंचायत के नवनिर्मित पंचायत भवन में शुक्रवार को आपदा प्रबंधन को लेकर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) एवं राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) द्वारा संयुक्त मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। इस दौरान आपदा राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखने के साथ-साथ ग्रामीणों को जागरूक भी किया गया।

यह संयुक्त अभ्यास 12वीं वाहिनी एसएसबी की सीमा चौकी पैकटोला की रैपिड रिस्पांस टीम तथा एसडीआरएफ किशनगंज के जवानों द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रक मुख्यालय रानीडांगा के डीसी संजय शाह ने की। इस मौके पर सहायक कमांडेंट बलदेव सिंह तथा 12वीं वाहिनी एसएसबी के कंपनी कमांडर विनय कुमार मिश्रा भी उपस्थित रहे और जवानों का मार्गदर्शन किया।

मॉक एक्सरसाइज के दौरान भूकंप जैसी आपदा की स्थिति में ध्वस्त भवनों से घायलों को सुरक्षित निकालने एवं प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। जवानों ने मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया। दीवार काटने के लिए आर.आर. शॉ तथा पीड़ितों तक पहुंच बनाने के लिए रेसिप्रोकेटिंग शॉ जैसे अत्याधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए हेल सर्च तकनीक का उपयोग दिखाया गया। साथ ही विभिन्न प्रकार की आग पर नियंत्रण और अग्निशमन के सुरक्षित उपायों की जानकारी भी दी गई। इस संयुक्त अभ्यास में एसएसबी के 21 जवानों तथा एसडीआरएफ के 10 रेस्क्यू कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान लगभग 95 स्थानीय ग्रामीणों, महिलाओं एवं बच्चों को आपदा के समय अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों और बचाव तकनीकों के बारे में जागरूक किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा आम नागरिकों को आपदा के समय सुरक्षित एवं संयमित तरीके से सहयोग करने के लिए प्रशिक्षित करना है। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे आपदा से संबंधित सुरक्षा उपायों के प्रति सजग रहें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं बचाव दलों का सहयोग करें।

हिन्दुस्थान समाचार/धर्मेन्द्र सिंह

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह