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पश्चिमी सिंहभूम, 10 अप्रैल (हि.स.)। मनोहरपुर प्रखंड के उर्कीयां गांव की रहने वाली नाबालिग पिंकी कौवा (17) को काम दिलाने का झांसा देकर एक युवक अपने साथ खरसावां क्षेत्र ले गया था। हालांकि सामाजिक संगठनों की तत्परता और दबाव के चलते बच्ची को समय रहते सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार पिंकी कौवा रोजगार की तलाश में करीब तीन दिन पहले चाईबासा आई थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात खरसावां के एक युवक से हुई, जिसने उसे घर का काम दिलाने का भरोसा दिलाया। भरोसे में आकर नाबालिग उसके साथ चली गई और युवक उसे खरसावां के आमदा क्षेत्र में ले गया। परिजनों को इसकी जानकारी नहीं थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
इधर, जब बच्ची की फुआ सरिता कुजूर को इस बात की भनक लगी, तो उन्होंने बिना देर किए आदिवासी उरांव समाज संघ (चाईबासा) के उपसचिव लालू कुजूर को इसकी सूचना दी। मामला सामने आते ही संगठन के सदस्य सक्रिय हो गए। विष्णु मिंज और खरसावां निवासी राकेश उरांव ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित युवक का पता लगाया और उससे संपर्क स्थापित किया।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने युवक को कड़ी चेतावनी दी कि यदि बच्ची को तुरंत सुरक्षित वापस नहीं लाया गया, तो उसके खिलाफ थाना में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिसिया कार्रवाई के डर और बढ़ते सामाजिक दबाव के कारण युवक घबरा गया। बताया जाता है कि वह अपने दो अन्य साथियों के साथ नाबालिग को लेकर शुक्रवार को चाईबासा पहुंचा और रोरो पुल के पास उसे छोड़कर फरार हो गया।
इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और उसे उसके परिजनों तक पहुंचाया। फिलहाल पिंकी कौवा अपनी फुआ सरिता कुजूर के साथ सुरक्षित है और उसकी काउंसलिंग भी कराई जा रही है, ताकि वह मानसिक रूप से सामान्य हो सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक