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हकृवि में आयकर अधिनियम-2025 पर कार्यशाला आयोजित
हिसार, 09 मार्च (हि.स.)। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय
के कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में आयकर अधिनियम-2025 को लेकर
जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। हकृवि के वित्त नियंत्रक कार्यालय एवं आयकर विभाग
की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यशाला में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर
कम्बोज मुख्य अतिथि रहे जबकि आयकर विभाग कार्यालय, रोहतक से संयुक्त निदेशक डॉ. पूनम
सिंह विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहीं।
कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने साेमवार काे अपने सम्बोधन में
कहा कि जीवन में सीखना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। कार्य करने में निपुणता जरूरी
है। इसलिए आयकर अधिनियम 2025 के नियमों एवं प्रावधानों के बारे में जागरूकता के लिए
कार्यशाला आयोजित की गई है। आयकर किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण
है। यह सरकार की आय का मुख्य स्रोत भी है, जिससे देश के विकास और जनकल्याण से जुड़े
कार्य किए जाते हैं। आयकर से सरकार को बड़ी मात्रा में राजस्व प्राप्त होता है, जिससे
विभिन्न विकास योजनाएं और प्रशासनिक कार्य संचालित किए जाते हैं। इससे आर्थिक संतुलन
बनाए रखने और राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित होती है। उन्होंने
कहा कि प्रत्येक योग्य नागरिक को ईमानदारी से आयकर का भुगतान करना चाहिए। उन्होंने
सभी आहरण व वितरण अधिकारियों को भी दिशा निर्देश देते हुए कहा कि सभी आयकर नियमों की
अनुपालना सुनिश्चित करें।
कर प्रणाली को सरल और प्रभावी बनाने के लिए सुधार
जरूरी: डॉ. पूनम सिंह
डॉ. पूनम सिंह ने बताया कि देश की आर्थिक व्यवस्था
को पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाने के लिए कर प्रणाली में निरंतर सुधार किए जा रहे
हैं। आयकर अधिनियम 2025 भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अधिनियम का मुख्य
उद्देश्य कर व्यवस्था को सरल बनाना, डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देना तथा कर दाताओं के
लिए अनुपालन की प्रक्रिया को सहज बनाना है। वर्तमान में अधिकांश प्रक्रियाएं ऑनलाइन
और कैशलेस हो चुकी हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और करदाताओं को अनावश्यक परेशानियों
से राहत मिली है। आयकर अधिनियम 2025 में नई कर व्यवस्था को भी प्रोत्साहित किया गया
है। रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया को भी अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया गया है, जिससे
आम नागरिक भी आसानी से अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इस अधिनियम में कर अनुपालन
को मजबूत बनाने, कर चोरी को रोकने तथा करदाताओं और विभाग के बीच विश्वास को बढ़ाने
पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही स्टार्ट-अप, उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने
के लिए भी कई सकारात्मक प्रावधान शामिल किए गए हैं।
वित्त नियंत्रक नवीन जैन ने सभी का स्वागत किया
और कार्यशाला में किए गए नियमों और प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यशाला में सीए परमजीत सिंह व विकास गर्ग ने सैलरी, हाउस रेंट, एजुकेशन एलाउंस सहित
विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कुलसचिव डॉ पवन कुमार ने कार्यक्रम में
सभी का धन्यवाद किया। मंच पर मानव संसाधन प्रबंधन निदेशक डॉ. रमेश कुमार यादव भी उपस्थित
रहे। मंच का संचालन छात्रा श्वेता छाबड़ा ने किया। कार्यशाला में टैक्स बार एसोसिएशन
के सदस्य, आयकर अधिकारी, चार्टर्ड अकांउटेंट, विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के
डीडीओ, अधिवक्ता, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर