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लखनऊ, 08 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में मंत्रिमण्डल विस्तार की अटकलों पर अब जल्द विराम लगने वाला है। 11 मार्च 2026 के बाद कभी भी योगी मंत्रिमण्डल का विस्तार हो सकता है। इसके लिए संगठन व सरकार के स्तर पर बातचीत फाइनल हो चुकी है। सरकार में जिन नये चेहरों को शामिल किया जाना है उनके नाम पर भी मुहर लग चुकी है। इसकी पुष्टि संगठन के एक बड़े पदाधिकारी ने की है।
भाजपा के पुष्ट सूत्रों की मानें ताे आगामी वर्ष 2027 के विधान सभा चुनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश में मंत्रिमण्डल का विस्तार शीघ्र हाेने जा रहा है। जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिए एक और उप मुख्यमंत्री बनाया जायेगा। इस संबंध में सारा होमवर्क पूरा हो चुका है। मंत्रिमण्डल के विस्तार के तत्काल बाद आयोग व निगमों के रिक्त पदों को भी भरा जायेगा।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि मंत्रिमण्डल का विस्तार मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार होता है। संवैधानिक व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश में अभी भी कुछ पद रिक्त हैं। जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चाहेंगे, संगठन के साथ विचार विर्मश कर मंत्रिमण्डल विस्तार करेंगे।
संगठन में भी होगा बदलाव
जानकारी के अनुसार एक महीने के भीतर संगठन में भी बड़े स्तर पर फेरबदल होगा। भाजपा जिला कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके बाद क्षेत्र व प्रदेश की कार्यकारिणी गठित होगी। इसमें कई पुराने व नये चेहरों को भी मौका दिया जायेगा। कार्यकारिणी में युवा, ओबीसी, एससी व महिलाओं के प्रतिनिधित्व का ध्यान रखा जायेगा। वहीं जिला कमेटियों में विधान सभा व लोकसभा विस्तारकों का भी समायोजन करने के निर्देश दिये गये हैं।
सभी क्षेत्रों में हो चुकी समन्वय बैठकें
उत्तर प्रदेश के जैसे-जैसे विधान सभा चुनाव नजदीक आ रहा है संघ व सरकार के बीच समन्वय बैठकों का दौर शुरू हो गया है। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल स्वयं प्रान्तों में जाकर संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। संघ और भाजपा की ओर से अवध, कानपुर, गोरक्ष, काशी, मेरठ व ब्रज प्रान्त की समन्वय बैठकें संपन्न हो चुकी हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन