Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

लखनऊ, 08 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए आदेश दिया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर वसूले गए लाखाें रुपये वापस की जाए। आयोग ने यह भी कहा है कि एक अप्रैल के बाद जिन उपभोक्ताओं से अतिरिक्त पैसे लिए गए हैं, उनकी राशि बिजली बिलों में समायोजित कर लौटाई जाए। यह अतिरिक्त राशि लगभग 127 करोड़ रुपये है।
यह आदेश आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह ने उपभोक्ता परिषद की याचिका पर सुनवाई करते समय दिया। आयोग ने इस मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी और उसी दिन पाॅवर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) को व्यक्तिगत रूप से आयोग के सामने उपस्थित होने का भी निर्देश दिया है। इस मामले की सुनवाई के समय कहा गया है कि बिजली वितरण कंपनियों ने नए बिजली कनेक्शन देते समय सिंगल फेज कनेक्शन पर 6016 रुपये और थ्री फेज कनेक्शन पर 11341 रुपये वसूले। वसूली गई इस राशि में सिंगल फेज पर लगभग 3216 रुपये और थ्री फेज पर करीब 7241 रुपये अतिरिक्त वसूले गए थे।
इस तरह की वसूली को लेकर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में याचिका दाखिल की और इस अधिक वसूली को अवैध बताते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की थी। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि 10 सितंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच बिजली विभाग ने 3 लाख 53 हजार 357 नए कनेक्शन जारी किए थे, जिनसे यह अतिरिक्त राशि वसूली गई।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह