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देहरादून, 8 मार्च (हि.स.)। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में प्रस्तुत किया जाने वाला बजट पुष्कर सिंह धामी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट होगा। हालांकि चुनावी वर्ष होने के बावजूद इस बार बजट के आकार में अपेक्षित वृद्धि की संभावना कम जताई जा रही है।
वित्तीय सूत्रों के अनुसार हालिया केंद्रीय बजट में उत्तराखंड के लिए किसी विशेष नई योजना या अतिरिक्त केंद्रीय सहायता की घोषणा नहीं की गई है। कुछ केंद्रीय योजनाओं के आवंटन में कमी के संकेत भी मिले हैं। ऐसे में राज्य सरकार के बजट आकार पर इसका प्रभाव पड़ना तय माना जा रहा है।
वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश किया था। सामान्यतः राज्य के बजट में प्रतिवर्ष औसतन लगभग 10 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की जाती रही है, लेकिन इस बार वित्त विभाग के सूत्रों का कहना है कि पारंपरिक वृद्धि दर को बनाए रखना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
राज्य पर 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऋण भार को देखते हुए सरकार संसाधनों के संतुलित उपयोग और व्यय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दे सकती है। जानकारों का मानना है कि यदि बजट में कुछ नई या लोकलुभावन घोषणाएं शामिल की जाती हैं, तो अन्य मदों में व्यय नियंत्रण अथवा पुनर्संरचना के माध्यम से संतुलन साधा जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बार बजट का आकार 1.10 लाख करोड़ रुपये से नीचे रहने की संभावना है। गैरसैंण में प्रस्तुत होने वाला यह बजट राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन आकार के लिहाज से इसमें सीमित विस्तार ही देखने को मिल सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय