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सिलीगुड़ी, 08 मार्च (हि. स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कथित अपमान के आरोप को लेकर आदिवासी समाज के लोगों ने रविवार को सिलीगुड़ी महकमा के फांसीदेवा ब्लॉक में विरोध प्रदर्शन किया।
बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय संताल सम्मेलन कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और राज्य सरकार के सहयोग न करने का आरोप स्वयं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लगाया था। उन्होंने कहा था कि संताल समुदाय को भ्रमित किया गया, सम्मेलन स्थल बदला गया और प्रशासन की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।इसी मुद्दे को लेकर रविवार को फांसीदेवा ब्लॉक के विधाननगर स्थित संतोषिणी मैदान से जगन्नाथपुर मोड़ तक विरोध मार्च निकाला गया, जो फिर मैदान में आकर समाप्त हुआ। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए।
इस दौरान फांसीदेवा की विधायक दुर्गा मुर्मू ने आरोप लगाया कि गलत जानकारी देकर सम्मेलन को गैर-आदिवासी इलाके में ले जाया गया, जिसके कारण कई आदिवासी लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
उनका कहना था कि कई लोगों को कार्यक्रम स्थल में प्रवेश तक नहीं दिया गया और प्रशासन ने भी सहयोग नहीं किया।
उन्होंने राज्य सरकार की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में मौजूद नहीं थी।
विधायक ने कहा कि राष्ट्रपति जब विधाननगर पहुंची तो वहां कम समय में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज की मौजूदगी देखकर उन्हें पूरी स्थिति का अंदाजा हो गया।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार