पति के असमय निधन के बाद आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं पुष्पा देवी
नैनीताल, 08 मार्च (हि.स.)। जनपद नैनीताल के रामनगर क्षेत्र की निवासी पुष्पा देवी ने कठिन परिस्थितियों के बीच आत्मनिर्भर बनकर साहस और संघर्ष की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की है। पति के असमय निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी और भविष्य की चिंता उनके सामने
पुष्पा देवी।


नैनीताल, 08 मार्च (हि.स.)। जनपद नैनीताल के रामनगर क्षेत्र की निवासी पुष्पा देवी ने कठिन परिस्थितियों के बीच आत्मनिर्भर बनकर साहस और संघर्ष की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की है।

पति के असमय निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी और भविष्य की चिंता उनके सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हो गयी थी, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों से हार मानने के बजाय मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया और आज वह अन्य महिलाओं के लिये भी प्रेरणा बन गयी हैं।

पुष्पा देवी के अनुसार पति के निधन के बाद परेशानियों से जूझने के दौरान उन्हें सरकार की योजनाओं की जानकारी मिली और उन्होंने रीप परियोजना से जुड़कर अपने जीवन को नई दिशा दी। परियोजना के अंतर्गत उन्हें 30 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने अपने घर से ही ‘मेघा बुटीक सेंटर’ नाम से सिलाई और बुटीक का कार्य प्रारंभ किया। प्रारंभिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने धैर्य और लगन से अपने कार्य को आगे बढ़ाया।

समय के साथ उनके कार्य की पहचान बनने लगी और वर्तमान में वह इस कार्य से प्रतिवर्ष लगभग 60 से 70 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। पुष्पा देवी अब न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गयी हैं। पुष्पा देवी का कहना है कि यदि उन्हें सरकारी योजना और रीप परियोजना का सहयोग नहीं मिला होता तो कठिन परिस्थितियों से उबरना उनके लिए आसान नहीं होता।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उनकी यह कहानी यह संदेश देती है कि अवसर और आत्मविश्वास के साथ महिलाएं किसी भी चुनौती का सामना कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी