Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

जयपुर, 08 मार्च (हि.स.)। सांगानेर–बगरू क्षेत्र की 87 कॉलोनियों पर संभावित कार्रवाई की आशंका के बीच रविवार को हजारों कॉलोनीवासी सड़कों पर उतर आए। लोगों ने शांति मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया और कॉलोनियों को राहत देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया और यज्ञ-हवन कर सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना भी की।
दरअसल हाल ही राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान हाउसिंग बोर्ड को तीन सप्ताह के भीतर संबंधित जमीन खाली करवाने और रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों में अपने घरों पर कार्रवाई या बुलडोजर चलने की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अदालत के सामने कॉलोनियों की वास्तविक स्थिति पूरी तरह से नहीं रखी गई है।
रविवार को श्योपुर चौराहे से गुलाब विहार होते हुए पिंजरापोल गौशाला तक पैदल मार्च निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। मार्च के दौरान कुछ स्थानों पर लोग सड़क पर बैठ गए, जिससे कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने समझाइश कर लोगों को सड़क से हटाया और यातायात सुचारू कराया।
श्योपुर व्यापार मंडल के व्यापारियों ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए सुबह 10 से 12 बजे तक अपनी दुकानें बंद रखीं और रैली में शामिल होकर कॉलोनी वासियों के साथ एकजुटता दिखाई।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष रघुनंदन सिंह हाड़ा और महासचिव परशुराम चौधरी ने बताया कि इन कॉलोनियों में लोग पिछले 30–40 वर्षों से रह रहे हैं। यहां बिजली, पानी, सड़क, टेलीफोन और रोड लाइट जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई गई हैं। लोगों ने अपनी जीवनभर की कमाई से मकान बनाए हैं, इसलिए वे अपने घर उजड़ने नहीं देंगे।
संघर्ष समिति ने राज्य सरकार से मांग की है कि 19 मार्च 2026 को उच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई के दौरान कॉलोनी वासियों का पक्ष मजबूती से रखा जाए और लंबे समय से बसी इन कॉलोनियों को मानवीय आधार पर नियमित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा और निकाय चुनाव में मतदान के बहिष्कार पर भी विचार किया जा सकता है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश