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सतना, 08 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने रविवार को चित्रकूट स्थित उद्यमिता विद्यापीठ के विवेकानंद सभागार में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के राज्य स्तरीय नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर का विधिवत शुभारंभ किया।
यह शिविर 8 से 14 मार्च तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवी छात्र-छात्राएं सहभागिता कर नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा सेवा भावना से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर युवाओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और उन्हें निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।
मंत्री परमार ने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आएं और अपने ज्ञान व ऊर्जा का उपयोग जनकल्याण के कार्यों में करें। उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी से ही समाज और राष्ट्र के विकास को गति मिलती है। राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से छात्र-छात्राएं समाज के कमजोर वर्गों की सहायता, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता तथा सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कार्य कर रहे हैं, जो अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि 7 दिन की नियमित गतिविधियों के साथ ही स्वयंसेवक चित्रकूट के आध्यात्मिक वैभव और विरासत को भी जानने का प्रयास करें।
विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने कहा कि भारत देष की कृषि अर्थव्यवस्था ही मुख्य आधार है। विष्व की आर्थिक मंदी के दौर में भी देष की आर्थिक व्यवस्था मजबूत बनी रही है। उन्होंने स्वयंसेवकों को कहा कि अन्न देवता है और अन्न का एक भी कण थाली में नहीं छोड़ना चाहिए। सभी युवा संकल्प ले कि थाली में उतना ही भोजन लेंगे जितना गृहण कर सकेंगे।
कमिष्नर रीवा संभाग बीएस जामोद ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना एक योजना ही नहीं बल्कि आंदोलन है। जिसके माध्यम से देष के युवाओं को सामाजिक, आर्थिक चिंतन के साथ देष के लिए कुछ कर गुजरने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए स्वामी विवेकानंद के संदेष और उनका जीवन आदर्ष का प्रेरणा स्त्रोत है। उन्होंने कहा कि युवा पीढी में सेवा भाव और परहित के भाव कम होते जा रहे है। प्रकृति से जुडने और स्वच्छता के लिए अनेको अभियान षासन द्वारा चलाये जा रहे हैं।
इस अवसर पर संत जीवनदास महाराज, कुलगुरू अवधेष प्रताप सिंह रीवा राजेन्द्र कुराडिया, कुलगुरू महात्मा गांधी चित्रकूट विष्वविद्यालय आलोक चौबे सहित प्रशासनिक अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी, विभिन्न महाविद्यालयों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्वयंसेवी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर