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सहरसा, 08 मार्च (हि.स.)। भारत सरकार के केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल पर चले 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान के तहत जिले के गांवों व कस्बों में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहे ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ की यात्रा के समापन के अवसर पर एक कार्यक्रम में कोसी लोक मंच के सचिव ने कहा कि हमारे प्रयासों को मिली प्रतिक्रिया से हम आश्वस्त हैं कि बाल विवाह मुक्त सहरसा और बाल विवाह मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल करते के बेहद करीब हैं।
कोसी लोक मंच के सचिव ने कहा कि बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के साल भर पूरा होने के अवसर पर भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने चार दिसंबर, 2025 को देशव्यापी ‘100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान’ का एलान किया था। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के 250 सहयोगी सामाजिक संगठनों ने इस अभियान की मोर्चे से अगुआई करते हुए देश के 439 जिलों में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता का संदेश देने के लिए ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ निकाले। इस रथ ने जिले के तमाम गांवों और कस्बों में घूम-घूम कर लोगों को बाल विवाह के स्वास्थ्य, शिक्षा व आजीविका पर दुष्परिणामों से अवगत कराया और इसके कानूनी पहलुओं की जानकारी देते हुए समझाया कि बाल विवाह दंडनीय अपराध है। प्रमुख सड़कों और बेहतर पहुंच वाले मार्गों से ‘बाल विवाह मुक्त रथ, को संचालित किया।जिले में बाल विवाह मुक्ति रथ को जिला सत्र न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर 24 जनवरी को सिविल कोर्ट,सहरसा के प्रांगण से रवाना किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / अजय कुमार