Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

धर्मशाला, 08 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की मार्च 2026 की परीक्षाओं में बैठने वाले विद्यार्थियों के लिए एक बेहद जरूरी और सतर्क करने वाली खबर आई है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार जमा दो राज्य मुक्त विद्यालय (एसओएस) की विज्ञान परीक्षाओं में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होगी। बोर्ड ने कड़े तेवर अपनाते हुए निर्देश दिए हैं कि बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर केवल और केवल ओएमआर शीट पर ही अंकित किए जाने चाहिए। यदि किसी छात्र ने गलती से भी इन प्रश्नों के उत्तर मुख्य उत्तरपुस्तिका के किसी अन्य पन्ने पर लिख दिए, तो उन उत्तरों का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा और छात्र को उन अंकों से हाथ धोना पड़ेगा। इस चूक की पूरी जिम्मेदारी स्वयं परीक्षार्थी की होगी।
परीक्षा के सफल संचालन के लिए बोर्ड ने प्रश्न-पत्रों के वितरण को लेकर भी नई रणनीति तैयार की है। डॉ. राजेश शर्मा ने विशेष रूप से जमा दो एसओएस डायरेक्ट विज्ञान विषय के प्रश्न-पत्रों के वितरण पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी केंद्र अधीक्षकों और उप-केंद्र अधीक्षकों को दो-टूक कहा है कि वे वितरण संबंधी नियमों का बारीकी से अध्ययन करें और केंद्रों पर इनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य परीक्षा हॉल में किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति को रोकना है।
इसके साथ ही, बोर्ड ने परीक्षा स्टाफ को यह विशेष जिम्मेदारी सौंपी है कि परीक्षा शुरू होने से पहले हर कमरे में विद्यार्थियों को इन नियमों के बारे में बोलकर और स्पष्ट रूप से अवगत कराया जाए। बोर्ड का मानना है कि परीक्षा के दबाव में अक्सर छात्र ओएमआर शीट के बजाय उत्तरपुस्तिका में टिक करने की गलती कर देते हैं, जिससे उनकी मेहनत बेकार चली जाती है। ऐसे में छात्रों को समय रहते सचेत करना परीक्षा स्टाफ का प्राथमिक कर्तव्य होगा ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनी रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया