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सारण, 08 मार्च (हि.स.)। जिले में बालू माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें न तो कानून का खौफ रहा है और न ही खाकी का डर। ताजा मामला शहर के जगदम कॉलेज के समीप का है, जहाँ अवैध बालू के खिलाफ छापेमारी करने गई खनन विभाग की टीम पर माफियाओं और उनके समर्थकों ने हमला बोल दिया। इस झड़प में न केवल सरकारी वाहनों को निशाना बनाया गया बल्कि माफिया पुलिस की पकड़ में आए एक आरोपित को जबरन छुड़ाकर फरार होने में भी कामयाब रहे।
जानकारी के अनुसार माइनिंग इंस्पेक्टर अपनी टीम और पुलिस बल के साथ अवैध बालू लदे वाहनों की जांच और धरपकड़ के लिए निकले थे। जैसे ही टीम जगदम कॉलेज के पास पहुंची तो देखते ही देखते दर्जनों की संख्या में असामाजिक तत्व और बालू माफिया मौके पर जमा हो गए और प्रशासन की टीम को चारों तरफ से घेर लिया। भीड़ ने बिना किसी डर के अचानक हमला शुरू कर दिया। इस हमले में जिला प्रशासन की गाड़ियों के शीशे चकनाचूर हो गए। मौके का फायदा उठाकर माफिया अपने साथी को पुलिस के चंगुल से छुड़ा ले गए।
सारण रेंज के डीआईजी नीलेश कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकारी कार्य में बाधा डालना और पुलिस बल पर हमला करना एक अक्षम्य अपराध है। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और कई उपद्रवियों की पहचान कर ली गई है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। दिन-दहाड़े हुई इस वारदात से स्थानीय निवासियों में भारी दहशत है। लोगों का कहना है कि बालू माफियाओं का नेटवर्क इतना मजबूत हो गया है कि वे अब वर्दीधारियों पर हमला करने से भी नहीं कतराते। हालांकि, घटना के बाद '112' की टीम और अतिरिक्त बल ने मोर्चा संभाला लेकिन तब तक हमलावर भागने में सफल रहे। फिलहाल, प्रशासन ने साफ कर दिया है कि माफियाओं के खिलाफ अभियान अब और भी कड़ाई से चलाया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार