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जयपुर, 08 मार्च (हि.स.)। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गृह रक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभाग की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने विभाग के आधुनिकीकरण को राज्य सरकार की दीर्घकालीन परिकल्पना ‘विकसित राजस्थान@2047’ के अनुरूप गति देने पर जोर दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि होमगार्ड स्वयंसेवकों को केवल आरक्षित सहायक बल के रूप में सीमित न रखते हुए उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम और मुख्यधारा में एकीकृत सहायक बल के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने आपदा प्रबंधन में उनकी अग्रिम भूमिका को और सुदृढ़ करने के साथ ही जयपुर सहित प्रदेशभर में यातायात प्रबंधन में उनकी संस्थागत और परिचालनात्मक भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के अनुरूप होमगार्ड स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण और क्षमता संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि वे बदलती चुनौतियों के अनुरूप प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।
बैठक में मुख्य सचिव ने विभाग की आईटी संरचना को मजबूत करने तथा एचडीएमएस प्रणाली की कार्यात्मक क्षमताओं का विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे स्वयंसेवकों के नियोजन, प्रशिक्षण और सेवा प्रबंधन में पारदर्शिता तथा दक्षता सुनिश्चित होगी और गृह रक्षा दल राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में एक विश्वसनीय एवं तकनीकी रूप से सक्षम सहायक बल के रूप में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेगा।
समीक्षा के दौरान श्रीनिवास ने विभागीय कैडर रिव्यू, स्वयंसेवकों को शीतकालीन वर्दी वितरण प्रणाली में मौजूद विसंगतियों के समाधान तथा विभाग में आईटी सेल की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण विषयों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि इन विषयों पर तीन माह के भीतर पुनः समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी और लंबित प्रस्तावों पर निर्णय लिए जाएंगे।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर ए. सावंत, महानिदेशक गृह रक्षा मालिनी अग्रवाल, संयुक्त शासन सचिव गृह (ग्रुप-7) सोविला माथुर सहित निदेशालय के अधिकारी और प्रदेश के सभी जिलों के गृह रक्षा कमांडेंट उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित